अनाहत चक्र — अनाहत
अनाहत चक्र (अनाहत): यं (Yam) मंत्र और ध्यान
By LumenOracle Editors · 10/19/2026 · 1 min read · Chakra Healing

अनाहत चक्र का अर्थ, बीज मंत्र यं (Yam), जप की विधि और दीपक ध्यान — परंपरा के रूप में, चिकित्सा के रूप में नहीं।
एक नज़र में
परंपरा, शरीर-विज्ञान नहीं। चक्र भारतीय योग और तंत्र परंपराओं की अवधारणा हैं। रंग, शरीर से संबंध और "अवरोध" आध्यात्मिक व प्रतीकात्मक विचार हैं, वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं।
जप की विधि
- सीधी पर आरामदायक मुद्रा में बैठें।
- तीन धीमी, सहज साँसें लें।
- साँस छोड़ते हुए धीरे से "यं (Yam)" का उच्चारण करें।
- 5 से 9 बार दोहराएँ; ज़ोर न लगाएँ।
- अंत में एक मिनट मौन बैठें।
उच्चारण परंपरा के अनुसार अलग हो सकता है।
इस चक्र के लिए दीपक अभ्यास
हरा रंग की मोमबत्ती या साधारण दीया हाथ भर दूरी पर, आँखों की ऊँचाई पर रखें। लौ को कोमल दृष्टि से देखें (त्राटक), पलकें स्वाभाविक रूप से झपकाएँ। मिर्गी या आँखों की समस्या हो तो त्राटक न करें। दीपक को कभी अकेला न छोड़ें।
लौ हिल रही हो तो पहले हवा या लंबी बत्ती जैसे भौतिक कारण देखें। चाहें तो और से चिंतन करें।
सुरक्षा
यह विश्राम और आत्म-चिंतन का अभ्यास है, उपचार नहीं। स्वास्थ्य या मानसिक समस्या में डॉक्टर या परामर्शदाता से मिलें। संकट में हों तो हमारा देखें।
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Questions & answers
क्या चक्र वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हैं?
नहीं, चक्र आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक परंपरा हैं।
क्या इससे बीमारी ठीक होती है?
नहीं। स्वास्थ्य समस्याओं के लिए डॉक्टर से मिलें।
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